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आंटी की चूत को मिल बाँट के चोदा

तभी प्रेम बोला: साली मेरा लंड लेने में तो तेरी गांड फट रही थी और अब रमण का लंड लेने में कुछ नहीं हो रहा हे तुझे. कैसे रंडी की तरह चूस रही हे मेरे दोस्त का लंड तू, बड़ा लंड चाहिए था तुझे रंडी!

चाची: चोद मुझे चोद, आज तुझे मेरी चूत रमण की वजह से ही मिली हे. तू चुपचाप इसे चोद और अपने माल को इसके अन्दर निकाल दे. आह्ह्हह्ह आह्ह्हह्ह करते हुए वोबोली, जोर से मार अपना लोडा मेरी बुर के अन्दर.

तभी चाची का शरीर अकड़ने लग गया और प्रेम ने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी और कुछ ही पल में दोनों का पानी निकल गया. वो दोनों ही थक कर लेट गए. पर मेरा लंड तो अभी भी प्यासा था इसलिए मैंने चाची को थोडा होश में आने का इंतजार किया और प्रेम की चाची होश में आई तो उनके लिप्स पर सीधे लंड को रख दिया जिसे चाची ने एकदम से मुहं में ले लिया और चूसने लगी. मैं उनके बूब्स दबाने लगा जिस से चाची की चूत फिर से गरम होने लगी.

चाची ने प्रेम का मुह अपनी टांगो में फंसा कर अपनी चूत चाटने को कहा. प्रेम थक चूका था पर वो फिर भी धीरे धीरे से चूत को साफ़ करने लगा. इधर मैं अपना लंड चाची के गले में उतारे जा रहा था और मेरा लंड उनके गले में जाकर पागल सा हो गया था. देसीपोर्नस्टोरी डॉटकॉम

अब प्रेम का लंड फिर से खड़ा हो गया था. और चाची भी चुदने के लिए तैयार थी. पर अब प्रेम चाची का मुह चोदना चाहता था और मैं उनकी चूत को. तो मैं उनकी चूत पर लंड सेट कर के बैठ गया. और एक जोर के धक्के से मैंने लंड चाची की चूत में धकेल दिया. चाची जोर जोर से चीख रही थी.

३ झटको में मेरा लंड चाची की चूत में पूरा समा गया. चाची की बचेदानी से लंड टकरा कर उसे मजे दे रहा था.. इधर प्रेम ने भी अपना लंड चाची के मुह में डालकर उसके मुह की चुदाई चालु कर दी और वो भी फुल मजे ले रहा था.

अब मैंने चाची को अपने ऊपर किया और खुद निचे आ गया. चाची मेरे लंड पर उछल उछल कर अपनी चूत चुदवा रही थी. और प्रेम भी उनका मुह जोर से चोद रहा था. हम तीनो चुदा का मजा फुल ले रहे थे और पुरे कमरे में बस चुदाई की फच फच ही गूंज रही थी.

अब मैंने चाची को घोड़ी बनाया और उनकी चूत में लंड डाल कर उनके ऊपर चढ़ गया और जोर जोर से कुत्तो की तरह चुदाई करने लगा.

चाची एक बार बिच में अपना पानी निकाल चुकी थी. और कुतिया बन के उनका सेकंड टाइम भी हो गया. तभी मैंने चाची की चूत को जोर जोर से मारी. उतने में प्रेम का हो गया. उसने चाची के मुह से लंड को निकाल के उसे हिलाया. चाची के सामने ही प्रेम के लंड की पिचकारी निकल पड़ी. मेरा भी होने को था. मैंने चाची की सेक्सी चूत से लंड निकाला. और मैंने बहार न निकालते हुए लंड को चाची के मुहं में पेल दिया. चाची ने किस किया लंड को और एक हाथ से बस थोडा हिलाया. मेरे लंड का पानी निकल के चाची के मुहं को भरने लगा.

हमारी चुदाई करने का मूड और भी था लेकिन शादी भी अटेंड करनी थी. हम सब बाथरूम में घुसे और फ्रेश हो गए. हम लोग शादी में पहुँच गए और उस दिन के बाद चाची की चुदाई का चस्का ऐसा पड़ा की हम दोनों चाची को मौका मिलते ही अपने निचे लेकर खूब चोदते हे.

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