FUDISEX

PORN DIRECTORY, sex stories, indian sex stories, desi sex stories, hindi sex stories, aunty sex, virgin sex,

रंडी आंटी को ट्रेन में ब्लेकमेल कर के चोदा

हेल्लो चुदाई की कहानियाँ पढने वाले मेरे दोस्तों मेरा नाम जेरी हैं और मैं आज आप लोगों के लिए एक नहीं कहानी ले के आया हूँ. ये मेरी लाइफ की एक सच्ची घटना हैं जो मेरे साथ चलती हुई ट्रेन में घटी थी. आज आप पढेंगे की कैसे मैंने एक लेडी को ट्रेन के अन्दर ब्लेकमेल कर के चोदा था. वो औरत मेरे लिए एक अजनबी थी.

मैं ट्रेन के द्वारा दिल्ली से जलंधर जा रहा था. मार्च का महिना था और गर्मी अपने सबाब के ऊपर थी. मैं एक रिज़र्व टिकिट के साथ डिब्बे में चढ़ा. सामान को जगह पर सेट कर के मैंने पहले तो इधर उधर देखा. शाम का वक्त होने की वजह से मोस्ट ऑफ़ लोग लेटे हुए थे. मैं सामान रख के अपने इयरफोन निकाल के जगह पर आ बैठा. उतने में ट्रेन भी चल पड़ी. सोंग सुनते हुए मैं बहार की ठंडी हवा का भी मजा ले रहा था. ट्रेन थोड़ी देर चल के अपनेअगले स्टॉप के ऊपर आ रुकी. मैं दिल्ली से पानी लेना भूल गया था. इसलिए मैं पानी लेने के लिए निचे उतरा. अब तक तो ऑलमोस्ट सब पेसेंजर सोने लगे थे. वैसे भी ऑफ़ सीजन थी और ये ट्रेन तो वैसे भी खाली चलती थी.
पानी ले के वापस आया और मैं अपनी सिट के ऊपर बैठ गया. कुछ पांच मिनिट के बाद मैं टॉयलेट गया तो मैंने देखा की राईट वाली साइड के टॉयलेट का गेट बंद हैं और मैं लेफ्ट वाली साइड की टॉयलेट में इंटर हो गया. मुझे कुछ आवाज सुनाई दी. मैंने रूककर ध्यान से सुनने की कोशिश की तो आवाज आ रही थी. मुझे कुछ गरबड लगा तो मैं ध्यान से सुनने लगा. अन्दर से किसी मर्द और औरत की आवाजे आ रही थी और तभी हलकी सी सिसकारियाँ भी सुनाई पड़ी.

और फिर कुछ देर में वो आवाजें बंद हो गई. मैं समझ गया की दाल में जरुर कुछ काला हैं. मैं पेशाब कर के बाथरूम की नजदीक वाली सिट पर लेट गया और उस टॉयलेट की तरफ ध्यान रखने लगा.

करीब 10 मिनिट के बाद एक आदमी चुपके से उस टॉयलेट के अन्दर से निकला और अपने कपडे सेट करते हुए दुसरे डिब्बे में चला गया और उसके जाने के दो मिनिट बाद ही एक औरत उसी टॉयलेट से निकली और मेरे वाले डिब्बे की साइड में आने लगी. वो पैसे गिनती हुई आ रही थी. और जब वो मेरे वाली सिट के पास से निकली तो मैंने उसका हाथ पकड़ा.

वो एकदम से घबरा गई और अपना हाथ छुडाने लगी. और कहने लगी की ये क्या बदतमीजी कर रहे हो. मैंने उस से कहा तुम अभी टॉयलेट में कर के आई उस आदमी के साथ वो क्या था? और उसने ये सुना तो एकदम से डर गई और अब वो और भी जोर से मुझसे छुडवाने की कोशिश करने लगी.

मैंने कहा देखो तुमने अभी जो उस आदमी के साथ किया वो चुपचाप मेरे साथ भी कर लो. अगर नहीं करोगी तो मेरे पास पूरा वीडियो हैं और मैं सब को बता दूंगा की तुम ट्रेन के अन्दर क्या कर रही थी. देखो फिर किसी ने पुलिस को बोल दिया तो तुम्हे सरकारी जगह पर सेक्स का केस थोक देंगे वो लोग. और अगर किसी ठुल्ले के हाथ लग गई तो वो फ्री में चोदेंगे तुम्हे लोकअप के अंदर ही.
पहले पहले तो उसने नहीं माना लेकिन फिर मैंने कहा जाओ दिखता हूँ सब को वीडियो. ये सुन के वो ढीली पड़ी, लेकिन सच कहूँ तो मेरे पास कोई वीडियो था ही नहीं.

मैंने उसको वही पर पकड़ लिया और अपने गले से लगा लिया और उसके होंठो पर किस करने लगा. पहले तो वो मेरा साथ जरा भी नहीं दे रही थी. लेकिन फिर बाद में वो भी मेरा साथ देने लगी थी. हम दोनों अब वहां से निकल के उसी टॉयलेट में घुसे जहाँ कुछ मिनीटो पहले उसने अपनी चूत मव्राई थी. मैंने अब इस रंडी को कस कर पकड़ा और उसके होंठो को चूसने लगा. वो भी मेरा साथ दे रही थी. उसके बाद मैंने उसके ब्लाउज को खोला. उसके बड़े देसी बूब्स को हाथ में भर के मैं जोर जोर से दबाने लगा था.

वो धीरे धीरे सिस्कारियां लेने लगी थी. उसके मुहं से अह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह ओह ओह निकल रहा था. और उसका भी हाथ अब मेरे लंड पर आ गया था. वो मेरे लंड को पेंट के ऊपर से ही दबा रही थी. और फिर मैंने उसके ब्लाउज को पूरा ही निकाल फेंका. और उसके बूब्स को ब्रा के ऊपर ही सक करने लगा. और दबा भी रहा था. वो अह्ह्ह्ह अह्ह्ह अह्हह्म्म्म करने लगी थी. फिर मैंने बूब्स चूसते हुए उसके पेटीकोट को ढीला कर के घुटनों के ऊपर कर दिया. और मैं उसकी गीली चूत को सहलाने लगा. वो जोर जोर से सिस्कारियां ले रही थी और एकदम गरम हो गई थी. और उसकी चूत एकदम गीली हो चुकी थी जिसमे से पानी बहार आ रहा था.

तभी मैंने उसको अपना लंड चूसने के लिए कहा. पहले तो उसने मना कर दिया की मैं मुहं में नहीं लेती हूँ. मैंने कहा साली उसका तो ले रही थी जब मैं वीडियो बना रहा था. और उसने मुहं खोला तो मैंने मुहं को घुसेड ही दिया. वो घुटनों के ऊपर बैठी हुई मेरे लंड को चूसने लगी.

फिर मैंने उसे वही टॉयलेट की एक पाइप पकड़ा दी और घोड़ी बना दिया. उसकी टांगो को पीछे खिंच के थोडा फैला दिया और अपनी जगह बनाई. अब मैंने अपने लंड को उसकी चूत के ऊपर सेट कर दिया. और एक ही शॉट में पुरा लंड अन्दर कर दिया. इस रंडी आंटी की चूत बड़ी ही गीली थी और आराम से मेरा लंड अन्दर घुस गया बिना किसी परेशानी के. वो धीरे धीरे आह्ह्ह अह्ह्ह कर रही थी. और मैं उसे अपनी कमर हिलाते हुए चोद रहा था. लेकिन फिर अगले ही मिनिट मैंने अपनी स्पीड को बढ़ा दिया और जोर जोर से इस रंडी को चोदना चालू कर दिया. मेरे हाथ कभी उसके बूब्स पर तो कभी उसके बाल नोंचने के लिए चले जाते थे. वो भी गांड हिला के मस्ती में ठुकवा रही थी अपनी भोसड़ी को.

तक़रीबन 10 मिनिट की चुदाई के बाद हम दोनों एक साथ ही झड़ गए. और फिर मैंने अपने कपडे पहने और उसके होंठो पर किस किया और अपनी सीट पर आ के बैठ गया. वो भी कुछ देर के बाद वो भी कपडे पहन के बहार आई. वो अपने बाल सही करते हुए मुझे स्माइल दे रही थी. मैंने इशारा कर के उसे अपने पास बुला लिया.

बात करने पर पता चला की वो एक रंडी थी जो ऐसे चलती हुई ट्रेन में अकेले मर्दों को फंसाती थी और चुदवा लेती थी. उसने मुझे कहा की मेरे छोटे छोटे बच्चे हैं इसलिए वो क्लिप को डिलीट कर दो. मैंने कहा वो तो मैंने बहार आया चोद के तभी डिलीट मार दी थी. वो जाने को थी तो मैंने हाथ पकड के कहा, आज की रात मेरे साथ ही सो लो, अगली बार से पैसे ले लेना!

जलंधर आने से पहले मैंने फिर उसे उसी टॉयलेट में ले जा के चोदा. अब की तो रात थी इसलिए बहुत लम्बा चोदा और गांड में भी थोडा घुसाया था!

(287)

FUDISEX © 2017